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जैतून Jaitun (Olea Europea) के गुण और लाभ

जैतून अन्य भाषाओं में जूलिये, सेदूद, औलिया आदि नामो से जाना जाता है। यह भूमध्य सागर और बलूचिस्तान में उत्पन्न होता है। इसकी खेती भारत में भी होती है।

जैतून का सामान्य परिचय

जैतून का वृक्ष काफी बड़ा होता है। इसके फल अंडाकार और कलमी बेर की तरह होते है। इसके फल जब कच्चे रहते है तो हरे रंग के होते है और पकने पर लाल बाद में काले हो जाते है। इसके फल की बीज करीब एक इंच लम्बी और आधी इंच मोटी होती है। इसके पत्ते अमरुद के तरह मगर गोल होते है।
जैतून दो प्रकार के होते है। एक जंगली और दूसरी बागी।

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जैतून के गुण

इसके डालियाँ और पत्ते सर्द, खुश्क और काबिज है। इसका कच्चा फल सर्द और पका फल गर्म होता है। इसके कच्चे फल को पीसकर लगाने से चेचक और अन्य प्रकार के फोड़े-फुंसिया ठीक हो जाते है और निशान मिट जाते है। जख्मो में इसको पीसकर लगाने संक्रमण बढ़ने का खतरा नहीं रहता है। शरीर के किसी भी अंग के जल जाने से जैतून के कच्चे फल को पीसकर लगाने से छाला नहीं पड़ता है। इसके कच्चे फल को जलाकर उसकी राख के प्रभाव से सिर में फोड़े-फुंसियां नहीं निकलती है।
इसके कच्चे फल को पानी में औटाकर उस पानी से कुल्ला करने पर दांत और मसूढ़े मजबूत होते है और मुंह के रोग मिटते है।

जैतून के लाभ

  • इसके पत्तो को पीसकर शहद में मिलाकर जख्म या घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते है।
  • इनके पत्तो को पीसकर इसका लेप बनाकर दाद, खाज, खुजली या अन्य गर्मी के ख़राब जख्मो पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है।
  • जैतून के पत्तो का रस निकालकर कान में डालने से कान का दर्द दूर होता है कान से निकलने वाले पस और कान के सूजन में भी ये आराम पहुंचाता है।
  • इस तेल की मालिश से सर्दी जुकाम दूर होता है।
  • बागी जैतून को खिलाने से पेट के कीड़े मरकर बाहर निकलते है।
  • जंगली जैतून के पत्तो को पीसकर शरीर पर मलने से पसीना आना बंद हो जाता है।
  • तेल से वात रोग दूर होता है और कफ को घटाता है।
  • फालिज और सुन्नवात में जैतून का तेल काफी लाभदायक रहता है।
  • इसको आँखों में लगाने से आँखों की ज्योति बढ़ती है अगर आँखों में जाला हो तो वो भी कट जाता है।
  • टूटी हड्डी में जंगली जैतून का तेल मालिश करने हड्डी तेजी से जुड़ती है और मजबूत होती है।
  • इसका गोद सर्दी, जुकाम, नजला, खांसी आदि में लाभदायक होता है और आवाज को साफ़ करता है।
  • योनि में जुलिये को रखने से गर्भाशय की सूजन दूर होती है।
  • कीड़ा लगे दांत में जैतून के गोंद भर देने से बहुत लाभ मिलता है।

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