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बवासीर (Piles)

बवासीर (Piles)

बवासीर एक दिलचस्प विषय है, कभी-कभी बवासीर से पीड़ित मरीज को अपने चिकित्सक से बात करने में शर्म महसूस करते है, वही आम तौर पर बवासीर पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करते है हालांकि, बवासीर बुज़ुर्गो को बहुत ज्यादा प्रभावित करते है।
बवासीर को पाइल्स और हेमोर्रोइड्स के नाम से भी जाना जाता है। कुछ लोगों को यह भी पता ही नहीं है कि बवासीर है इसमें गुदा के पास मस्से निकल आते है, और मलत्याग करते समय दर्द के साथ रक्त भी निकलता है, खुजली तथा मलाशय में दर्द होना, चिडचिडापन, खून का थक्का जमना या सूजन। रक्त आमतौर पर उज्ज्वल लाल होता है, और गुदा के आसपास दर्द, लाली और सूजन हो जाता है।

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बवासीर होने के मुख्य कारण

  • लम्बे समय से पेट में कब्ज होना और पेट साफ न रहना।
  • भोजन में फाइबर के कमी होना।
  • रात को अधिक देर तक जगना।
  • ध्रूमपान और शराब का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना।
  • शरीर में पानी की कमी।
  • ज्यादा समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना।
  • ख़राब पाचन क्रिया ही इस रोग का जन्मदाता है।
  • शौच करते समय ज्यादा ताकत लगाना इस अतिरिक्त दबाव को गुदाद्वार की मांसपेशिया सह नहीं पाती वह आगे चलकर यही मस्से बनने के वजह बन जाती है।

बवासीर का उपचार

  • अंजीर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है, अगर आपको बवासीर के साथ मस्सों की भी शिकायत हो तो रात में 3 अंजीर पानी में भिगों दें, सुबह इसको पेस्ट बना कर उसी के पानी के साथ पी ले, इसके आधे घंटे कुछ ना खाएं. रोजाना किया गया यह प्रयोग बवासीर के मस्से में लाभ पहुंचाता है।
  • मूली खाने या उसके रस को नियमित सेवन से बवासीर में लाभ मिलता है।
  • गुड़ और हरड़ बराबर मात्रा में सुबह शाम लेने से दर्द और मस्सो में काफी लाभ मिलता है।
  • खुनी बवासीर हो तो दही या छाछ के साथ कच्चे प्याज का प्रयोग करने से काफी लाभ मिलता है।
  • हर रोज छाछ में जीरा व अजवाइन मिला कर पीने से बवासीर में आराम मिलता है।
  • जीरे को पानी साथ के पीस कर मस्से पर लगाने से जलन व दर्द में शांति मिलती है।
  • अगर खुनी बवासीर है तो जीरे को भूनकर मिश्री के साथ पीसकर सुबह शाम फाकने से लाभ मिलता है।
  • नींबू का रस एंटीऑक्सीडेंटस से युक्त होता है इसका प्रयोग सीधे सूजन वाली प्रभावित जगह पर किया जा सकता है।
  • नींबू के रस में अदरक और थोड़े से स्वाद के लिए शहद का मिश्रण करके इसका सेवन भी कर सकते हैं और इस फल के दर्द और जलन को कम करने के गुणों से अच्छी तरह वाकिफ हो सकते हैं।

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