Disease

रक्तचाप Blood Pressure

Blood pressure रक्तचाप

इसे अंग्रेजी में ब्लड प्रेशर Blood pressure कहते है। रक्तचाप, ह्रदय द्वारा धमनियों(नाड़ी) में पम्प किया जा रहे शुद्ध रक्त से जो दबाव धमनियों पर पड़ते है, उसी को रक्त चाप कहते है। धमनियां ह्रदय द्वारा पम्प किये हुए शुद्ध रक्त को शरीर के अन्य भागो में ले जाता है। सिरायें जिसे वीन कहते है वो अशुद्ध रक्त को शुद्ध करने के लिए ह्रदय में वापस लाती है। ह्रदय उसे फेफड़े में भेजता है जिसमे फेफड़े रक्त को शुद्ध करता है और फेफड़े रक्त शुद्ध करके ह्रदय को भेज देता है।
शुद्ध रक्त को शरीर के विभिन्न अंगो को पहुंचाने का कार्य ह्रदय लगातार पम्प करते है ह्रदय के पम्प करने से ये सिकुड़ते और फैलते रहता है। इस तरह फैलने और सिकुड़ने की क्रिया से रक्त धमनियों द्वारा शरीर के अन्य भांगो में पहुंचाते रहता है। इस तरह लगातार चलने वाले कार्यो के द्वारा ही शरीर के विभिन्न अंग अपना काम कर पाते है। हृदय के फैलने या सिकुड़ने की क्रिया से जो धमनियों में रक्त का बहाव होता है उसे ही ब्लड प्रेशर कहते है। जब ह्रदय की धड़कन बढ़ जाती है, और रक्त का बहाव तेज हो जाता है तो उसे उच्च रक्त चाप यानि हाई ब्लड प्रेशर कहते है और जब रक्त का बहाव धमनियों में धीरे होता है तो उसे निम्न रक्त चाप यानि लो ब्लड प्रेशर कहते है।
व्यक्ति का सामान्य रक्त चाप यानि नार्मल ब्लड प्रेशर 120 और 80 mm.hg होता है। ह्रदय के सिकुड़न का दबाव 120 को सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कहते है, और प्रसारण का दबाव 80 को डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर कहते है अगर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 120 से बढ़ता है और डायास्टोलिक ब्लड प्रेशर 80 से ज्यादा आता है तो उसे उच्च रक्त चाप यानि हाई ब्लड प्रेशर कहते है। ब्लड प्रेशर को मापने के यंत्र को सफाइग्मोमेनोमेटर(sphygmomanometer) कहते है।

High-Blood-Pressure
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उच्च रक्तचाप के कारण High Blood Pressure or Hypertension

आनुवंशिकता
अगर परिवार के सदस्य में पहले किसी को हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत रही हो तो परिवार में दूसरे सदस्य को भी हो सकती है यहाँ परिवार के एक सदस्य के जीन दूसरे सदस्य में स्थानन्तरित हो सकता है।

मोटापा
मोटापा भी हाई बी पी होने का खतरा बढ़ाता है। अनुसंधानों से पता चला है की सामान्य व्यक्ति की तुलना में मोटे व्यक्तियों को ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है।

आयु या उम्र
हाई ब्लड प्रेशर का उम्र पर भी असर पड़ता है, बढ़ती आयु के साथ रक्त वाहिकाओं के दीवारे कमजोर होने लगती है जिससे रक्त का परवाह तेज हो जाता है इससे ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है।

व्यायाम न करना
बैठे-बैठे काम करना, व्यायाम न करना और शारीरिक क्रिया में भाग न लेना भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है।

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मसाले और तेल
भोजन में मसाले और तेल का ज्यादा प्रयोग करने से रक्त चाप में वृद्धि होती है।

नमक का सेवन करना
भोजन में नमक ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लड प्रेशर हाई होता है।

तनाव, चिंता
तनाव और चिंता होने पर व्यक्ति के शरीर में रक्त संचार तेज हो जाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है इससे बी पी बढ़ जाता है।

और भी कई कारण है जैसे महिलाओ में हार्मोन्स का परिवर्तन, किसी बात को लेकर ज्यादा सोचना आदि।

उच्च रक्त चाप के उपचार Treatment of hypertension or high blood pressure

  1. अपने शरीर का वजन सामान्य रखे।
  2. रोज सुबह कम से कम 1 घंटे पार्क में नंगे पैर हरी घांसो पर चलने से हाई ब्लड प्रेशर में काफी राहत मिलती है।
  3. फल, हरे पत्ते दार सब्जियां, और कम वसा वाले भोजन करना चाहिए।
  4. जितना हो सके भोजन में कम से कम नमक का सेवन करना चाहिए।
  5. जो लोग बैठ कर दिन भर ऑफिस में कार्य करते है, उन्हें प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट्स तक व्यायाम करना चाहिए।
  6. धूम्रपान करने से बचे और अल्कोहल को कम मात्रा में सेवन करे।
  7. पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह शाम पीने से हाई ब्लड प्रेशर में कमी आती है।
  8. सहजन की फली और करेला उच्च रक्त चाप रोगी के लिए उपयोगी है।
  9. चने व गेहू के आंटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी चबाकर चबाकर खाने से हाई बी पी में लाभ मिलता है।
  10. मेथी दाना पाउडर 5 ग्राम सुबह शाम लेने से 10 दिनों में ही फर्क दिखाई देने लगता है।
  11. तुलसी के पत्ते और नीम के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर खाली पेट लेने से काफी फायदा होता है।
  12. सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, मुनक्का आदि उच्च रक्त चाप में कमी करते है।
  13. केला, अमरुद ब्लड प्रेशर रोग में सहायक कुदरती पदार्थ है।
  14. पका पपीता रोज सुबह खाली पेट खाने से काफी रहत मिलती है।
  15. मीट, मछली, अंडा इन चीजों से उच्च रक्त चाप वालो को दूर रहना चाहिए ये सब चीजे बी पी को हाई करती है।
  16. लहसुन ब्लड प्रेशर को दूर करने में मददगार होता है।

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