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शक की बीमारी का बेहतरीन इलाज

शक की बीमारी का बेहतरीन इलाज

अक्सर शक की बीमारी किशोरावस्था के बाद से ही शुरू हो सकती है शुरुवात में रोगी को एक या दो लोंगो पर ही शक रहता है लेकिन जैसे-जैसे समय बढ़ता है वैसे-वैसे रोगी को हर किसी पर शक होने लगता है परिवार के सदस्यों या परिजनों द्वारा शक के विपरीत सच्चाई से रूबरू कराने के सभी प्रयास निरर्थक साबित होते है। इलाज के अभाव में रोगी का पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन गंभीर रूप से अस्त-व्यस्त हो जाता है।

इस बीमारी का लक्षण

  • हर समय रोगी को लगता है कि परिजन और उसके सगे-सम्बन्धी रोगी के खिलाफ है और उसके खिलाफ कोई साजिश रच रहे है।
  • मरीज को हर समय महसूस होता है कि सभी उसके बारे में बाते करते है या उसे घूर रहे है।
  • रोगी को ऐसा भी लगता है जैसे कुछ लोग उसके ऊपर जादू टोना करवा रहे है या फिर उसके खाने में जहर मिलाया जा रहा है।
  • मरीज अपने पति या पत्नी के चरित्र व चल-चलन पर बेबुनियाद शक करता रहता है।
  • शक के चलते रोगी अपनों से ही कटा-कटा रहता है और अक्सर अपने बचाव में दुसरो के प्रति आक्रामक हो जाता है।

शक के बीमारी के कारण

  • मानसिक बीमारी से पैरानोइया स्किजोफ्रेनिया से ग्रस्त रोगियों में शक के लक्षण सर्वाधिक देखने को मिलते है।
  • पैरानॉयड परसनलिटी डिसऑर्डर रोग से ग्रस्त रोगी स्वभाव से ही शक्की होते है वे हमेशा हर बात के पीछे कोई न कोई रहस्य या साजिश तलाशते है।
  • शराब, गांजा, भांग व कोकीन का नशा करने से भी शक व वहम स्थायी रूप से पैदा हो जाते है।
  • इन सभी रोगियों के मस्तिष्क में डोपामाइन नामक न्यूरो केमिकल की कमी के चलते ही शक पैदा होता है।

शक के बीमारी के इलाज

  • मस्तिष्क में रासायनिक कमी के चलते इस रोग के इलाज में दवाओं का प्रमुख स्थान है। अब ऐसी दवाये उपलब्ध हो चुकी है, जिनके सेवन से रोगी को साइड इफेक्ट और आफ्टर इफेक्ट नहीं होते है।
  • दवाओं के सेवन से दो से तीन हफ्ते में ही रोगी का शक दूर हो जाता और उसके ब्यवहार में सुधार होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
  • शक के चलते अक्सर रोगी स्वयं को बीमार नहीं मानते। ऐसे में इस बीमारी के इलाज के लिए परिजनों को ही पहल करनी पड़ती है।
  • शराब, गांजा, भांग आदि का सेवन बंद कर देना चाहिए।
  • इसका इलाज वहमग्रस्त व्यक्ति को वहम की व्यथा का वास्तविक स्वरूप समझाया जाय और उसे छोड़ने के लिए समझा-बुझाकर सहमत किया जाय।
  • अगर किसी व्यक्ति ने आपका भरोसा तोड़ा है तो आपको उस पर भरोसा करना बिल्कुल मुश्किल हो जाता है तो इसी के कारण आपको उस व्यक्ति के बारे में बार-बार शक आने लगते हैं इसलिए आपको कुछ समय के लिए उस व्यक्ति के दूर चला जाना चाहिए जिससे कि आप उसके ऊपर शक ज्यादा नहीं करेंगे।
  • शक को दूर करने के लिए आपको हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए और हमारे मन में आने वाले फालतू विचारों से यानी की नेगेटिव थॉट से आप को दूर रहना है और उस व्यक्ति के बारे में अच्छा सोचना है जिससे कि आपका मन हमेशा शांत रहें और आप उस व्यक्ति के बारे में ज्यादा शक ना करें |

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