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Diabetes Madhumeh | डायबिटीज मधुमेह

Diabetes डायबिटीज Madhumeh मधुमेह

आज के समय में Diabetes एक बहुत बड़ी समस्या बन गयी है, जो पूरी दुनिया में फैला हुआ है। जिसके कारण हर पांच व्यक्ति में से एक व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित है। यह एक ऐसी बीमारी है जो तब होती है। जब आपके रक्त(Blood) में शर्करा(Sugar) की मात्रा ज्यादा हो जाती है। रक्त ग्लूकोज आपके ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। ये आपके द्वारा खाने वाले भोजन से प्राप्त होता है। इंसुलिन(Insulin), अग्न्याशय(Pancreas) से बना एक हार्मोन(Hormone) है। जो रक्त से ग्लूकोज को ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करने में मदद करता है। कभी-कभी आपके शरीर में इंसुलिन बनना बंद या कम हो जाता है। जिससे पर्याप्त मात्रा में कोशिकाओं को ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाता है। जिससे  रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है। जिसे रक्त शर्करा(Blood Sugar) कहते हैं।

मनुष्य को कार्य करने के लिए ऊर्जा की जरुरत होती हैं जो उसे अपने भोजन से प्राप्त होता है। भोजन स्टार्च में बदलता है और स्टार्च ग्लूकोज़ में बदलता है। जो शरीर के सभी कोशिकाओं में पहुँचता है। जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। शरीर के कोशिकाओं को ग्लूकोज़ पहुंचाने का कार्य इन्सुलिन करती है। जो व्यक्ति डायबिटीज से पीड़ित उसमे इन्सुलिन बनना बंद या कम हो जाता है। जिससे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।

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मधुमेह के प्रकार (Types of Diabetes) Madhumeh ke parkar

मधुमेह को दो श्रेणियों में बांटा गया है-

टाइप 1 मधुमेह Diabetes :-  इस प्रकार के मधुमेह में शरीर के श्वेत कोशिकाएं अग्नाशय में इन्सुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इस प्रकार के मधुमेह आमतौर पर बच्चों और युवा वयस्कों में ज्यादा होता है। हालांकि यह किसी भी उम्र में दिखाई दे सकता है। टाइप 1 मधुमेह वाले लोग जीवित रहने के लिए हर रोज इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है।

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टाइप 2 मधुमेह Diabetes :- इस प्रकार के मधुमेह में शरीर में उत्पादित इन्सुलिन का सही उपयोग नहीं हो पाता है। शरीर में इन्सुलिन की अतिरिक्त मात्रा के कारण अग्नाशय इन्सुलिन नही बनाता है। बचपन के दौरान, किसी भी उम्र में टाइप 2 मधुमेह हो सकता हैं। हालांकि, वृद्ध लोगों में इस प्रकार की मधुमेह सबसे अधिक होती है। टाइप 2 मधुमेह का सबसे आम प्रकार है। दुनिया भर में मधुमेह के सभी मामलों में से लगभग 90% लोग टाइप 2 मधुमेह से पीड़ित है।

गर्भवस्था मधुमेह
गर्भावधि Diabetes गर्भवती महिलाओं में होती है। जिन्हें कभी मधुमेह नहीं होता है लेकिन गर्भावस्था के दौरान रक्त शर्करा उच्च हो जाता हैं। गर्भकालीन मधुमेह सभी गर्भवती महिलाओं में लगभग 4% प्रभावित है।

मधुमेह के आम लक्षण Madhumeh ke lakshan

  • बार-बार पेशाब आना खासकर रात में,
  • ज्यादा प्यास लगना,
  • सामान्य से ज्यादा थका महसूस करना,
  • बिना कोशिश किये वजन कम होना,
  • जननांग में या शरीर के भाग में ज्यादा खुजली होना,
  • कटे हुए या घाव को ठीक होने में या भरने में ज्यादा समय लगना,
  • आँखों से धुंधलापन दिखाई देना,
  • किडनी में समस्या,
  • मूत्र में कीटोन की उपस्थिति,
  • बहुत ज्यादा भूख का लगना,
  • लगातार संक्रमण, जैसे कि मसूड़ों या त्वचा के संक्रमण और योनि संक्रमण आदि

मधुमेह के कारण Madhumeh ke karan

टाइप 1 मधुमेह Diabetes  तब होता है जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली में  जो शरीर की श्वेत कोशिकाएं होती है। वे अग्न्याशय के इंसुलिन उत्पादन बीटा कोशिकाओं को हमला करके नष्ट कर देता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि टाइप 1 मधुमेह जीन और पर्यावरणीय कारकों के कारण होता है। जैसे कि वायरस आदि।

टाइप 2 मधुमेह Diabetes का सबसे आम प्रकार-जीवन शैली के कारकों और जीनों सहित कई कारकों के कारण होता है जैसे:-

1-अधिक वजन, मोटापे, और शारीरिक निष्क्रियता

यदि आपका शरीर सक्रिय नही है। आप मोटापे के शिकार है तो आप टाइप 2 Diabetes के शिकार हो सकते हैं। ज्यादा वजन कभी-कभी इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बनता है। टाइप 2 Diabetes वाले लोंगो के शरीर में वसा का स्थान भी एक फर्क पड़ता है।

2-इंसुलिन प्रतिरोध

टाइप 2 मधुमेह आम तौर पर इंसुलिन प्रतिरोध से शुरू होता है। ऐसी स्थिति जिसमें मांसपेशियों, यकृत और वसा कोशिकाओं में इंसुलिन को अच्छी तरह से इस्तेमाल नहीं किया जाता है। जिसके कारण कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए आपके शरीर को अधिक इंसुलिन की आवश्यकता होती है। वैसे भी अग्नाशय, इन्सुलिन को मांग के अनुसार ज्यादा मात्रा में बनाता है। समय के साथ, अग्न्याशय पर्याप्त मात्रा इंसुलिन नहीं बना सकता है। और रक्त शर्करा(Blood Sugar) का स्तर बढ़ जाता है।

3-आनुवंशिकता और परिवार

टाइप 1 मधुमेह के रूप में, कुछ जीन आपको टाइप 2 मधुमेह विकसित करने की अधिक संभावना रखते हैं। यह रोग परिवारों के आनुवंशिकता के आधार पर भी होता है।

कुछ हार्मोनल बीमारियां शरीर को बहुत अधिक हार्मोन उत्पन्न करने का कारण बनता है। जो कभी-कभी इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का कारण बनता है।

अग्नाशयशोथ, अग्नाशयी कैंसर और आघात बीटा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। या उन्हें कम इंसुलिन का उत्पादन करने में सक्षम बनाता है। जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह होता है। यदि क्षतिग्रस्त अग्न्याशय हटा दिया जाय, तो बीटा कोशिकाओं के नुकसान के कारण मधुमेह हो जाएगा।

मधुमेह(डायबिटीज) के उपचार Madhumeh(Diabetes) ke upchar

  • सभी प्रकार की मधुमेह Diabetes का इलाज किया जा सकता हैं। टाइप 1 मधुमेह जीवन भर रहता है, कोई ज्ञात इलाज नहीं है। टाइप 2 आमतौर पर जीवन भर रहता है। बल्कि, कुछ लोगों ने व्यायाम, आहार और शरीर के वजन नियंत्रण के संयोजन के माध्यम से, बिना दवा के डायबिटीज लक्षणों से छुटकारा पा लेते है।
  • विशेष आहार टाइप 2 मधुमेह के पीड़ितों की स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं।
  • टाइप 1 वाले मरीजों को नियमित इंसुलिन इंजेक्शन जरुरत पड़ती हैं। साथ-साथ एक विशेष आहार, व्यायाम के साथ इलाज भी किया जाता है।
  • टाइप 2 मधुमेह वाले मरीजों का आमतौर पर गोलियां, व्यायाम और विशेष आहार के साथ व्यवहार किया जाता है। लेकिन कभी-कभी इंसुलिन इंजेक्शन भी आवश्यकता पड़ती हैं।

मधुमेह(Diabetes) को नियंत्रित करने के घरेलु उपाय

करेला एक मधुमेह औषधि के रूप में 
करेला रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक होता है। करेला दोनों टाइप के मधुमेह में उपयोगी होता है। 4 करेले लेकर उसके बीज को अलग करके उसका रस निकल कर सुबह खाली पेट पीने से लाभ मिलता हैं।

आंवले से शुगर कम करने के उपाय
आंवले का रस रक्त में शुगर कम करने की कारगर दवा है। 4-5 आंवले लेकर उसके बीज निकाल कर पीस ले। सूती कपडे में रखकर उसका रस निकाल ले फिर एक गिलास पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

मेथी के दाने से शुगर नियंत्रित करना
मेथी के दाने रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करके कम करने में सहायक होता है। 2 चम्मच मेथी दाने एक गिलास पानी में शाम को भिगो कर रख दे। सुबह खाली पेट चबाकर-चबाकर खाने के बाद पानी पीने से लाभ मिलता है।

जामुन बीज के चूर्ण से लाभ
जामुन के सूखे हुए बीजों का चूर्ण दिन में 2-3 बार कुनकुने पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है।

हल्दी से शुगर में लाभ
हल्दी का सेवन के आंवले रस के साथ अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। हल्दी को दूध के साथ सेवन करने से डायबिटीज में लाभदायक है।

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