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Kali Mirch ke gun aur fayde | काली मिर्च के गुण और फायदे

काली मिर्च Black Pepper

इसे अन्य भाषाओं में गोल मिर्च, रुधिर, पवित, श्याम, वेणुज, कटुक, वृत्तफल, गोल मोरिच, मरिच, मिरेमु, तीखन, गुल मिरियन, मरिचम, ब्लैक पेपर आदि नामो से जाना जाता है। ये बनस्पति लता जाति की होती है। इसकी खेती त्रावणकोर और मलावर की उपजाऊ भूमि में की जाती है। काली मिर्च के लता के बड़े पेड़ को छोटे-छोटे टुकड़े करके लगाते है। ये टुकड़े उन वृक्षों के आधार पर चलते है और तीन साल बाद उसमे फल लगना प्रारम्भ हो जाते है। गोल मिर्च के लता के पत्ते नागर बेल के पत्ते की तरह मगर उससे बहुत छोटे सनोवरी शक्ल के होते है। इसके फल गुच्छो में लगते है। ये कच्चे पर हरे, पकने पर लाल और सूखने पर काली हो जाती है।

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काली मिर्च के आयुर्वेदिक गुण

Kali Mirch करपरी, तीक्ष्ण, अग्नि को दीपन करने वाली, कफ वात नाशक, पित्तजनक, रूखी तथा दमा, शूल और खांसी आदि को नष्ट करने वाली होती है।

काली मिर्च के लाभ

  • काली मिर्च को पोस्तादाना के साथ दबाव देकर कुल्ला करने से दांतो का दर्द मिटता है।
  • मरिच के 5 दाने, सत्यनाशी के बीज छह माशे। इन दोनों को पीसकर तीन दिन तक लगातार खिलाने से पागल कुत्ते के विष में लाभ पहुँचता है। इसमें खटाई और तेल से कम से कम एक साल तक परहेज करना रहता है।
  • Kali Mirch को पीसकर शहद के साथ चाटने से सर्दी और जुकाम से होने वाली खांसी, दमा और सीने में दर्द को कम करता है। और फेफड़े से कफ निकाल कर श्वांस साफ़ रखता है।
  • इसको पीसकर घी के साथ खिलाने से अनेक प्रकार के नेत्र रोग में बहुत लाभ मिलता है।
  • गुड़ और दही के साथ काली मिर्च को पीसकर खिलाने से पीनस के रोग में आराम मिलता है।
  • एक दाना काली मिर्च लेकर उसको सुई के नोक पर लगा लीजिये। और उसको दीपक पर जलाये जब उसमे धुए निकलने लगे तो उसके धुए को नाक के रास्ते मस्तिष्क में चढ़ाये। इससे हिचकी और सिरदर्द में बहुत लाभ मिलता है।
  • दही के साथ काली मिर्च को घिसकर आँखों में आंजने से रतौंधी (रात में नहीं दिखना) मिट जाता है।
  • हींग दो ग्राम, काली मिर्च चार ग्राम और अफीम एक ग्राम। इन तीनो को मिलाकर देने से अतिसार में बहुत लाभ मिलता है।
  • पुराने गुड़, दही के साथ Kali Mirch को महीन पीसकर देने से नाक से गिरने वाला खून बंद हो जाता है।
  • सौंठ, Kali Mirch, पीपल, जीरा, सेंधा नमक इन सबको बराबर लेकर पीस ले। डेढ़ या दो माशे की मात्रा में भोजन के बाद लेने से मंदाग्नि को दूर करके हाजमा की शक्ति बढाती है।

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