Ayurvedic Herbs

शरीर को बनाने में महत्वपूर्ण अश्वगंधा और शतावरी

अश्वगंधा और शतावरी कमजोर, दुबले-पतले और कम वजन वाले व्यक्तियों, जिनका काम करने का मन नहीं करता, खाना हजम नहीं होता, शारीरिक क्षीणता, वीर्य विकार, यौन विकार जैसी समस्‍याएं होती हैं उनके लिए दोनों औषधियां किसी चमत्‍कार से कम नहीं है। खासकर जो युवा बिना किसी दवा के आकर्षक बॉडी पाना चाहते हैं वह इस आयुर्वेदिक औषधि का सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, अश्‍वगंधा और शतावरी के नियमित सेवन से दुर्बल व्‍यक्ति भी बलवान हो सकता है। आज हम आपको इन औषधियों के सेवन की विधि और इसके लाभ के बारे में इस लेख के माध्‍यम से बता रहे हैं।

आर्युवेदिक जड़ी बूटियों में ताकत का खजाना छिपा है. आज के युग में इंसान या तो अत्यधिक मोटापे से परेशान है या तो अत्यधिक पतले पन से. अत्यधिक प्रदूषित वातावरण (चाहे वह प्रदुषण हो या वासना से भरा वातावरण), गलत खान-पान, गलत समय पर खान-पान ने शरीर को प्रभावित किया है. इसका परिणाम ये हुआ है की कई लोगो की शरीर से ताकत कम हुई है, काम करने का मन नहीं करता, खाना हजम नहीं होता, शारीरिक क्षीणता, वीर्य विकार, यौन विकार और कई बीमारियाँ इंसान के शरीर में घर बनाती जा रही है. कई व्यक्ति ऐसे है जो कम उम्र में ही बूढ़े नजर आने लगते है, ये बीमारियां तनाव की एक बहुत बड़ी वजह बन जाती है और इंसान को परेशानी में डाल देती है. इन बीमारियों का इलाज कराने में इंसान कई पैसे पानी की तरह बहा देता है. इसलिए आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है की इन जैसी कई बीमारियों का इलाज हमारे आयुर्वेद में छिपा है. आयुर्वेद की कुछ प्रमुख जड़ी बूटियों अश्वगंधा, शतावरी में ना सिर्फ ताकत का खजाना छिपा है बल्कि कई बिमारियों का इलाज भी.

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बॉडीबिल्डिंग और आयुर्वेद

आप और हम जानते हैं एक लीमिट के बाद आप नेचुरल तरीके से साइज नहीं बढ़ा सकते। कुछ लोग होते हैं गॉडी गिफ्टेड मगर हमें तो आज तक ऐसे किसी गॉड गिफ्टेड बॉडी बिल्डर के दर्शन नहीं हुए। तो हम यह मानकर चलते हैं कि जहां तक नेचुरल तरीके या प्रोटीन पाउडर वगैरा से खिंच जाए वहां तक खींच लें और उसके बाद तय करें कि आपको कहां जाना है। अगर आगे बढ़ना है तो कुछ और सोचना होगा। जैसे ही हम कुछ और के बारे में सोचते हैं पहला ख्याल स्टेरॉइड ही आता है। मगर इसी के साथ आती है साइड इफेक्ट की चिंता। ऐसे में आयुर्वेद ने बीच का रास्ता दिखाया है।

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बॉडीबिल्डिंग में अश्वगंधा और शतावरी

यहां हम बॉडीबिल्डिंग में अश्वगंधा (Shatavari) और शतावरी  (Shatavari) के यूज पर बात करेंगे। यह दोनों जड़ी बूटियां लंबे समय से अलग अलग किस्म की परेशानियों और बीमारियों के इलाज में ली जाती हैं। पर अब इन्हें जिम जाने वाले लोग भी ले रहे हैं, खासतौर पर वो लोग जो गेनिंग कर रहे हों। हालांकि जो लोग गेनिंग नहीं कर रहे हैैं वो भी इनका इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इनमें पावर बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को ठीक रखने की काबलियत है। ये दोनों ही दवाएं बहुत अच्छी मानी जाती हैं।

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शतावरी के फायदे

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शतावरी एक बेहतरीन दवा है जिसका यूज कई रोगों के इलाज में किया जाता है। शतावर या शतावरी आपको हमेशा जवान बने रहने में मदद करती है। यह रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाती है। इससे स्‍पर्म काउंट बढ़ता है। पेशाब से जुड़े रोगों को ठीक करती है और अच्छी नींद, माइग्रेन व खांसी सहित कई बीमारियों के इलाज में काम आती है। इसकी एक और क्वालिटी है और वो ये है कि इसे खाने से वेट बढ़ सकता है। कुछ लोग इसे साइड इफेक्ट के तौर पर देखते हैं मगर गेनिंग कर रहे जिम जाने वाले लोग इसी साइड इफेक्ट पर फिदा हैं।

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अश्वगंधा के फायदे

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अश्वगंधा को पावर बढ़ाने वाली जड़ीबूटी कहा जाता है। इससे मर्दों का स्‍पर्म काउंट बढ़ता है। यह शरीर में कमजोरी को दूर करती है। हड्डियों के लिए काफी अच्छी होती है और फिजिकल वदूध  दिमागी थकान को दूर करने में मदद करती है। इसके और भी बहुत सारे फायदे हैं मगर हमारा कोर एरिया बॉडी बिल्‍डिंग है इसलिए हम अभी वही बात करेंगे। इसे खाने से जिम में परफॉर्मेंस सुधरती है, रिकवरी में मदद मिलती है।

औषधि की मात्रा

अश्वगंधा और शतावरी को साथ में भी लिया जाता है और अलग अलग। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अश्वगंधा और शतावरी का पाउडर एक एक चम्मच। हल्के गर्म के साथ लिया जाता है। इन्‍हें सुबह खाली पेट और रात को गर्म दूध के साथ लिया जाता है। वैसे तो यह जरूरी नहीं है इसे खाली पेट ही लिया जाए मगर तब ये दवाएं ज्यादा अच्छे से काम करती हैं।

गर्मियों में इसका यूज थोड़ा संभलकर करना चाहिए क्योंकि यह गर्म होती हैं। इसलिए लोग पहले आधा आधा चम्‍मच की डोज लेते हैं और फिर धीरे धीरे डोज बढ़ा लेते हैं।इस बात की उम्मीद न करें कि इन्‍हें लेते ही आपमें बदलाव आना शुरू हो जाएगा। रिजल्ट दिखने में टाइम लगेगा और हां गेनिंग तभी होगी जब आपकी डाइट अच्छी होगी। ये दवाएं पावरफुल होती हैं इसलिए अगर आप इन्हें ले रहेे हैं तो कसरत जरूर करें।

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कैसे करें उपयोग

इस मिश्रण के सेवन की विधि बहुत ही आसान हैं. अश्वगंधा व् शतावरी के पाउडर को सामान मात्रा में मिलाकर किसी साफ़ व् एयरटाइट डब्बे में भर लें. इस मिश्रण का आधा चम्मच रोज सुबह-शाम गर्म दूध में मिलाकर पीए. आप चाहे तो इसमें स्वादानुसार मिश्री का पाउडर भी मिला सकते हैं.
आयुर्वेद के अनुसार, “अश्वगंधा और शतावरी का मिश्रण पुरुषों व् महिलाओं के लिए समान रूप से फायदेमंद होता हैं. बस इसका उपयोग नियमित रूप से रोज करना चाहिए. आपको इस मिश्रण के फायदे 8 – 10 दिनों में ही दिखने लगेंगे ।”

दुष्प्रभाव Side Effect

  • ये दोनों दवाएं पावरफुल होती हैं। अगर आपका बीपी हाई रहता है तो अश्वगंधा से परहेज करें।
  • अगर आप किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो आपको डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए क्‍योंकि – अश्वगंधा दूसरी दवाओं को काम करने से रोक सकती है।
  • अश्वगंधा लेने से कई लोगों को हर समय नींद या सुस्‍ती आने लगती है।
  • इससे पेट की प्रॉबलम भी बढ़ सकती हैं। अगर आपके पेट में एसिड ज्यादा बनता है तो अश्वगंधा परेशानी को बढ़ा सकती है।
  • किडनी और दिल से जुड़ी बीमारी होने पर शतावरी का यूज डॉक्‍टर से पूछे बिना नहीं करना चाहिए।
  • अगर शतावरी खाने के बाद कसी तरह की एलर्जी या सांस से जुड़ी दिक्‍कत होती है तो इससे परहेज करें।
  • जिन लोगों को सांस से जुड़े रोग हों वो भी शतावरी का यूज करने से बचें।
  • अश्वगंधा के साथ खटाई का परहेज करना चाहिए।
  • शतावरी खाने से कुछ लोगों में चिंता, चक्कर आना, सर घूमना, जी मिचलाना, पेट में गैस और पेट की गड़बड़ी की शिकायत भी पैदा हो सकती है।

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क्या हैं सावधानियां

  • अश्वगंधा और शतावरी, दोनों ही स्वभाव में बहुत ही गर्म होती हैं. अतः इसके डोज़ को ज्यादा न लें, पानी खूब पियें, खट्टे चीजों व् तेल-मसालेदार चीजों से परहेज करें और साथ ही, व्यायाम को अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल करें.
  • अगर आप किसी बीमारी की दवा लें रहें हो तो इस मिश्रण के उपयोग से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लें, क्योंकि ये कुछ दवाओं के असर को कम कर सकता हैं. साथ ही, उच्च-रक्तचाप के मरीजों और किडनी व् दिल की बीमारियों में इसका उपयोग करने से बचें.
  • इसके अलावा, सांस से जुड़े रोगों व् एलर्जी जैसी समस्याओं में भी इसके सेवन से दूर रहें. शतावरी के कारण, कुछ लोगों में चक्कर आना, सर घूमना, जी मिचलाना, पेट में गैस और पेट की गड़बड़ी की शिकायत भी पैदा हो सकती हैं. ऐसा होने पर तुरंत अपने चिकित्सक की सलाह लें.

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