Ayurvedic Herbs

Tulsi ke fayde तुलसी के फायदे

तुलसी Tulsi को अन्य भाषाओं में रामतुलसी, काली तुलसी, वैष्णवी। वृंदा, सुगंधा, गंधहारिणी, अमृता, पत्रपुष्पा, पवित्रा, सुभगा, तीव्रा, पावनी, माधवी, सुरवल्लरी, मालाश्रेष्ठा। लक्ष्मी, श्रीकृष्णवल्लभा, काला तुलसी, कुरल, तुलस, तुलसा, गगेरा, कृष्ण तुलसी आदि नामो से जाना जाता है। Tulsi का पौधा भारत वर्ष में हर जगह पाया जाता है। इसकी हर हिन्दू के घर में पूजा होती है।

आयुर्वेद चिकित्सक के अनुसार सफ़ेद और काला तुलसी गरम, दाहजनक, पित्तकारक। ह्रदय को लाभदायक, कसेली, अग्निदीपक, पचने में हलकी तथा वायु, कफ, श्वांस, खांसी, हिचकी, और कृमि को नष्ट करने वाली होती है। ये मुंह की दुर्गन्ध, कुष्ठ रोग, विष, मूत्रकृच्छ, रक्तदोष, भूतबाधा, हिस्टीरिया, ज्वर आदि को नष्ट करने वाली होती है। सफ़ेद और काली तुलसी एक समान गुणकारी होता है।

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तुलसी के फायदे Tulsi ke fayde

  • Tulsi के पत्तो के रस को अडूसे के पत्ते के रस के साथ देने से खांसी में बहुत लाभ मिलता है।
  • इसके पत्तो का काढ़ा बनाकर बच्चो को पिलाने से यकृत में होने वाली खराबी मिट जाती है।
  • मेदे के खराबी से शरीर में बादी का जो दर्द उत्पन्न होता है। उसे दूर करने लिए तुलसी के पत्तो का काढ़ा पिलाना चाहिए।
  • Tulsi की मंजरी, सोंठ, प्याज का रस और शहद मिलाकर चटाएं। सूखी खांसी और बच्चो के श्वांस फूलने से आराम मिलता है।
  • रामतुलसी के रस को हल्का गर्म करके इसको कान में टपकाने से कर्णशूल तुरंत बंद हो जाता है।
  • काली मिर्च के साथ Tulsiके पत्तो को पीसकर दांत के नीचे रखने से दांत के दर्द बंद हो जाते है। और संक्रमण ख़त्म हो जाता है।
  • इसके पत्तो का काढ़ा या उसके रस को काली मिर्च के साथ देने से पसीना होकर ज्वर उतर जाता है।
  • वैष्णवी के पत्तो का रस के काढ़े बनाकर एक कप तीन दिन लगातार रजोदर्शन के बाद पीने से स्त्री को गर्भ नहीं ठहरता है।
  • सांप के जहर में Tulsi पत्तो के रस को पिलायें। इसके जड़ को पीसकर सांप के डंसे हुए स्थान पर बार-बार लेप करते रहना चाहिए।जिससे सांप का जहर धीरे-धीरे निष्क्रिय होने लगता है।
  • निम्बू के रस के साथ तुलसी के पत्तो का रस पीसकर दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है।
  • इसकी जड़ को पानी में पीसकर कामेन्द्रिय पर लगाने से लाभ मिलता है।
  • तुलसी के बीजो के चूर्ण को काली मूसली के चूर्ण में मिलाकर गाय के दूध के साथ सेवन करने से काम शक्ति में बहुत फायदा मिलता है।
  • सुंदरता बढ़ाने के लिए तुलसी के पत्तो को महीन पीसकर लगाने से चेहरे में निखार आता है।
  • सेंधा नमक में तुलसी के पत्तो के रस मिलाकर नाक में टपकाने से मूर्छा और बेहोशी तुरंत नष्ट होती है।
  • रंतौधी में सुबह शाम दो-दो बूँद तुलसी के पत्तो के रस डालने इसकी समस्या दूर हो जाती है।
  • बच्चो के सर्दी, जुकाम, खांसी, उलटी, दस्त या पेट में गैस बनना। आदि रोंगो में तुलसी के पत्तो के रस 3-4 मिली सुबह शाम देने से इसकी समस्या दूर हो जाती है।
  • चाय में तुलसी के पत्तो को डाल कर पीने से मन परसन्नित रहता है और मन साफ़ रहता है।
  • सभी प्रकार के जख्म या घाव में इसके पत्तो को पीसकर लगाने से घाव या जख्म जल्दी भर जाते है।
  • किसी भी प्रकार के विष को निष्क्रिय करने के लिए तुलसी का रस पेट भर कर पिलाना चाहिए।

 

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