Disease

उल्टी से बचने के घरेलु नुस्खे

loading...
ulti-se-bachne-ke-gharelu-nuskhe
image source google
Written by Ram Kumar

उल्टी(Vomitting) जरूरत से ज्यादा खा लेने से, ज्यादा शराब पी लेने से, गर्भावस्था में पेट की गड़बड़ी, कोई बीमारी, एसिडिटी, ट्रैवलिंग के समय या फिर माईग्रेन में किसी को उल्टी होना बहुत आम बात है क्योंकि, आपका शरीर पूरी तरह से खाए गए भोजन को पचा नहीं पाता है या फिर ऐसे में फूड प्वॉकइज़निंग भी एक कारण हो सकती है।
अगर इंसान को ज्यादा उल्टियां हो रही हो, तब बात गंभीर हो सकती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो जाना स्वभाविक है, बेस्ट ऑप्शन है आपके लिए यही होगा कि आप डॉक्टर से सलाह लें और फिर दवाईयां या फिर ग्लूकोज़ की ड्रिप चढ़वाएं।

ulti-se-bachne-ke-gharelu-nuskhe

image source google

उल्टी में सबसे कारगर इलाज

1-दो लौंग पीसकर 30 ग्राम पानी में मिलाकर थोड़ा गर्म करके पिलाने से जी मिचलाना ठीक हो जाता है। लौंग के पानी से सुखी हिचकियाँ भी शांत हो जाती है। केवल एक-दो लौंग चबाने चूसने से भी जी मिलचाना और मुख का बिगड़ा स्वाद ठीक होता है। चक्कर, उबकाई आने में लौंग का प्रयोग बड़ा लाभप्रद है।

2-गर्भावस्था की उल्टियों में दो लौंग मिश्री के साथ पीसकर आधा कप गर्म पानी में मिलाकर देने से आराम होता है।

3-बस में सफर करते समय जिन्हे उल्टियाँ होती है, उन्हें भी मुंह में एक लौंग रखकर चूसना लाभप्रद रहता है।

4-मुख का बिगड़ा स्वाद ठीक करने के लिए, मुख शुद्धि और कीटाणुरहित करने के लिए आवश्यकता के समय में एकबार एक लौंग चूसना लाभप्रद है।

सम्बंधित लेख…..जटामांसी के फायदे और नुकसान

तेज गर्मी के प्रभाव से उत्पन्न वमन

बारह ग्राम धनिया ( तीन चम्मच ) के चूर्ण को 250 ग्राम पानी में एक घंटे के लिए भिगो दे। स्वाद के लिए एक चम्मच मिश्री का चूर्ण भी मिला सकते है। एक घंटे बाद छानकर, एक-एक घंटे से बच्चो को एक चाय का चम्मच और बड़ो को एक ओंस ( 30 ग्राम ) की मात्रा से पिलाने से उल्टी रुक जाती है। गर्मी से चक्कर, उल्टी, दिल धड़कना आदि शिकायते मिटती है। गर्भवती की उल्टी भी ठीक हो जाती है। उल्टियों में सूखा धनिया मिश्री के साथ सेवन करने से आशातीत लाभ मिलता है।

यदि जी मिचलाए और कै आने, उल्टी हो तो

एक कागजी मिम्बु के दो टुकड़े कर ले। उन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर लगा ले और धीरे-धीरे चूस ले। देखते ही देखते जी मिचलाना कै होना, उल्टी होकर चक्कर आना मिटता है।

सम्बंधित लेख…..दस्त या डायरिया के लक्षण कारण और बचने के उपाय

उबकाई

लौंग 5 व मिश्री 10 ग्राम को खूब महीन पीसकर 30 ग्राम पानी मिलाकर पीने से उबकाई या बदहजमी मिटती है।

रक्तवमन

जीरा 3 ग्राम और मिश्री 6 ग्राम मिलाकर बनाये गए चूर्ण को पानी के साथ फांक लेने से उलटी में खून आना, रक्तस्राव, उबाक, वमन व अरुचि दूर होते है। आवश्यकता अनुसार दिन में दो-तीन बार ले।

बहुत कठिन वमन उल्टी

जब किसी दवा से वमन बंद न हो तो चुने का पानी एक चम्मच, दूध 125 ग्राम में मिलाकर दिन में दो बार पिए। इससे ज्वर की वमन, पीले बुखार की काली वमन भी बंद होती है।

सम्बंधित लेख……अदरख

लौंग के इस्तेमाल में सावधानी।

ध्यान रहे लौंग की प्रकृति गर्म होती है, इसके ज़्यादा सेवन से बवासीर या अन्य रोग हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ ज़रूरत के समय ही या एक लिमिट में ही इसका उपयोग करना चाहिए।

ये भी पढ़े…..

loading...

About the author

Ram Kumar

4 Comments

Leave a Comment