एंटीबायोटिक | Antibiotic

1
143
Antibiotic
image source google

प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक एक पदार्थ या यौगिक है, जो जीवाणु को मार डालता है या उसके विकास को रोकता है एंटीबायोटिक रोगाणुरोधी यौगिकों का व्यापक समूह होता है, जिसका उपयोग कवक और प्रोटोजोआ सहित सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जाने वाले जीवाणुओं के कारण हुए संक्रमण के इलाज के लिए होता है।

Antibiotic
image source google

एंटीबायोटिक दवाओं के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए एटना इंटरनेशनल ने अपने श्वेत पत्र ‘एंटीबायोटिक प्रतिरोध’ एक बहुमूल्य चिकित्सा संसाधन की ओर से बेहतर प्रबंध’ में इस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। एंटीमिक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) से दुनिया भर में हर साल करीब सात लाख लोगों की मौत हो रही है। भारत, विश्व में एंटीबायोटिक दवाओं के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है।

पत्र में कहा गया कि बीमारी का बोझ, खराब सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे, बढ़ती आय और सस्ते एंटीबायोटिक दवाओं की अनियमित बिक्री जैसे कारकों ने भारत में एंटीबायोटिक प्रतिरोध के संकट को बढ़ा दिया है। एंटीमिक्रोबियल प्रतिरोध (एएमआर) से दुनिया भर में करीब सात लाख लोगों की मौत हो रही है और 2050 तक मृत्यु का आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है। इन मौतों में बढ़ोतरी का प्रमुख कारण एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित इस्तेमाल है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 2015 में 12 देशों में किए सर्वेक्षण में यह दर्शाया गया कि भारत सहित चार देशों के कम से कम 75 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने पिछले छह महीनों में एंटीबायोटिक प्रयोग किया। ब्रिक्स देशों में एंटीबायोटिक खपत में 99 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। पत्र में कहा गया, जितनी तेजी से दुनिया का मेडिकल सेक्टर विकसित हो है उतनी ही तेजी से एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल लोगों में बढ़ता जा रहा है।

एंटीबायोटिक्स कैसे कार्य करते हैं

बैक्टीरिया के तेजी से बढ़ने और लक्षण दिखाने से पहले शरीर का रोग प्रतिरोधक तंत्र सामान्य तौर पर इन्हें नष्ट कर सकता है। हमारे पास विशेष श्वेत रक्त कणिकाएं होती हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया पर आक्रमण करती हैं। कभी-कभी जब बैक्टीरिया का संक्रमण गंभीर होता है, तब एंटीबायोटिक्स की सहायता लेनी पड़ती है, जो बैक्टीरिया को नष्ट कर देते हैं या उनके विकास को धीमा कर देते हैं। कई बार संक्रमण को रोकने के लिए एंटीबायोटिक्स को सर्जरी के पहले भी दिया जाता है।

एंटीबायोटिक्स का उपयोग कैसे करे

– एंटीबायोटिक्स डॉक्टर की सलाह के बगैर न लें। हर बीमारी के लिए अलग प्रकार के एंटीबायोटिक्स होते हैं, जिसे डॉक्टर की सलाह से ही समझ सकते हैं।
– जितनी मात्रा में और जिस समय डॉक्टर बताएं, उसी अनुसार एंटीबायोटिक्स लें, क्योंकि बताई गई मात्रा और समय का ध्यान न रखना नुकसान पहुंचा सकता है।
– डॉक्टर जितने समय के लिए एंटीबायोटिक्स कोर्स करने की सलाह दें, उसे अवश्य पूरा करें, तबीयत ठीक लगने पर बीच में ही इनका सेवन बंद न कर दें।
– अगर आप उपचार तुरंत बंद कर देंगे तो कुछ बैक्टीरिया जीवित बच जाएंगे और आपको पुन: संक्रमित कर देंगे।
– हर इंसान के शरीर के मुताबिक अलग एंटीबायोटिक्स लाभ देते हैं, इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के लिए दिए गए एंटीबायोटिक्स का सेवन कतई न करें।
– इन्हें खाना खाने से एक घंटा पहले या दो घंटे बाद लेना चाहिए।

एंटीबायोटिक्स का न करें उपयोग

– गर्भवती महिलाएं।
– स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
– जिनकी किडनी या लिवर ठीक प्रकार से काम न कर रहे हों।
– एंटीबायोटिक्स दूसरी दवाओं से भी रिएक्शन कर लेते हैं, इसलिए अगर आप एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो दूसरी दवाओं का इस्तेमाल न करें।

एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभाव

सर्वाधिक गंभीर संक्रमण के लिए जो क्लिंडामाइसिन एंटीबायोटिक दवा ली जाती है, आमतौर पर उसके दुष्प्रभाव अधिक दिखाई देते हैं। हालांकि पेनिसिलीन, सेफैलोस्पोरिन और इरिथ्रोमाइसिन के इस्तेमाल से भी ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
– मुंह, पाचन मार्ग और योनि का फंगल इन्फेक्शन।
– किडनी स्टोन का निर्माण।
– असामान्य ब्लड क्लॉटिंग।
– सूरज की किरणों के प्रति संवेदनशील होना।
– कुछ की बड़ी आंत में सूजन आ जाती है, जिससे डायरिया हो सकता है।
– एंटीबायोटिक्स लेने के तुरंत बाद एलर्जिक रिएक्शन दिखाई देना।
– अधिक सेवन से मोटापा बढ़ना।
-एंटीबायोटिक दवाएं आंतों के लाभदायक बैक्टीरिया को मार देती हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
– छोटी उम्र में ही एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन इम्यून सिस्टम को अग्नाशय पर आक्रमण करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे शरीर में इंसुलिन के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे डायबिटीज की आशंका बढ़ जाती है।

ये भी पढ़े….

Previous articleगिरते-झड़ते बालो के हर्बल और आयुर्वेदिक इलाज
Next articleशरीर को बनाने में महत्वपूर्ण अश्वगंधा और शतावरी

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here