टाइफाइड(Typhoid) लक्षण, कारण और उपचार

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टाइफाइड Typhoid

टाइफाइड को मोतीझरा या मियांदी बुखार नाम से भी जाना जाता है। टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी(Salmonella Typhi) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। औद्योगिक देशों में टाइफाइड बुखार अभी बहुत कम है लेकिन यह विकासशील देशों में, विशेष रूप से बच्चों के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य की खतरा बनी हुई है। टाइफाइड का बुखार दूषित भोजन, पानी या किसी संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है। ये जानवरो में नहीं होता है सिर्फ ये एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में फैलता है।
साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया मुंह के रास्ते प्रवेश करता है और आंत में कम से कम चार से पांच दिन तक रहता उसके बाद ये आंत के दीवार के रास्ते ये रक्त में चले जाता है जिससे ये शरीर के सभी कोशिकाओं, अंगो में पहुंच जाता है। प्रतिरक्षा प्रणाली साल्मोनेला बैक्टीरिया से लड़ नहीं सकते क्युकी ये प्रतिरक्षा प्रणाली से बिना प्रभावित हुए रह सकता है। टाइफाइड से पीड़ित रोगी को अगर समय पर चिकित्सा उपलब्ध न कराई जाये तो चार रोगी में से एक की मौत हो सकती है, अगर समय पर उपचार उपलब्ध हो जाये तो बहुत कम ही मामले घातक सिद्ध होते है।
W. H. O. के अनुसार-“पूरे दुनिया भर में लगभग 20 मिलियन लोग हर साल टाइफाइड से पीड़ित होते है जिसमे लगभग 220,000 टाइफाइड से पीड़ित लोगो की मौत हो जाती है।”

टाइफाइड बुखार के लक्षण

  • हाथो व पैरों के जोड़ो में बहुत दर्द होना
  • सिरदर्द का होना
  • भूख का न लगना
  • 104 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा तापमान रहना
  • रात में अचानक बुखार तेजी से चढ़ जाना
  • पेट में जोरो से दर्द होना

टाइफाइड बुखार के कारण

  • साल्मोनेला बैक्टीरिया युक्त दूषित पानी पीने या उसी से भोजन बनाकर खाने से शरीर में प्रवेश कर जाते है जिससे व्यक्ति संकर्मित हो जाता है।
  • बैक्टीरिया से दूषित शौचालय का प्रयोग करने के बाद सही ढंग से हाथ न धुलकर खाने-पीने की चीजे को छूना।
  • संकर्मित व्यक्ति द्वारा नदी, नाले या तालाब में मल, मूत्र त्यागने से बैक्टीरिया उसी में फ़ैल जाते है, जिससे उस पानी से नहाने पर बैक्टीरिया मुंह के रास्ते प्रवेश कर जाता है।
  • टाइफाइड पीड़ित व्यक्ति के मल मूत्र त्यागने के बाद उसके सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति को भी टाइफाइड हो सकता है।
  • इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का अगर सही समय से इलाज नहीं किया जाता है तो उससे दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फ़ैल सकता है।

टाइफाइड बुखार का इलाज

  • संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए गर्म पानी और साबुन से हाथ धोने का सबसे अच्छा तरीका है।
  • खाना बनाने की तैयारी करने या खाने से पहले शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथ अच्छे से धुल ले। कई बार जब पानी उपलब्ध नहीं है, तो शराब से बने सेनेटिवेटर से हाथ वाश कर लें।
  • दूषित पानी पीने से बचें दूषित पेयजल उन क्षेत्रों में एक विशेष समस्या है जहां टाइफाइड बुखार स्थानिक है। इस कारण से, केवल बोतलबंद पानी का ही प्रयोग करे।
  • अपने दांतों को ब्रश करने के लिए बोतलबंद पानी का प्रयोग करें।
  • कच्चे फलों और सब्जियों से बचें क्योंकि ये असुरक्षित पानी में धोया जा सकता है, ऐसे फलो और सब्जियों से बचे जिन्हे छीलकर नहीं खाया जाता है, विशेष रूप से सलाद।
  • भोजन गर्मागर्म खाना चाहिए ठन्डे भोजन खाने से बचे और कमरे का तापमान भी सामान्य होना चाहिए जहा पर आप बैठ कर भोजन कर रहे।
  • फूटफाथ या सड़क के किनारे खाना खाने या पानी पीने से बचे क्योकि वहां का खाना या पानी दूषित हो सकता है।

 

नोट:- ऊपर दिए हुए लक्षण के आधार पर अगर ज्यादा परेशानी हो रही तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करे।

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