दूध मोंगरा के गुण

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Doodh-mogra
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इसके पौधे बरसात के दिनों में पैदा होते है। ये एक बालिश्त ऊँचे होते है। कहीं-कहीं जमीन पर फैले हुए भी रहते है। इसके पत्ते आमने-सामने लगते है। ये लंबगोल और अण्डाकार होते है। इनके फूल बहुत , सफेद और गुलाबी रंग को होता है। इसके फल छोटे , तीन खाने वाले बैंगनी छाया लिये हुए हरे रंग के होते है। इस पौधे को कोई भी भाग तोड़ने से उसमे से दूध निकलता है।

  • दूध मोंगरा के अन्य नाम
  • दूध मोंगरा के गुण

(और भीं पढ़ें – देशी बादाम के उपयोग )

दूध मोंगरा के अन्य नाम

  • हिंदी – दूधी , हजारदाना , दूधमोंगरा
  • पंजाबी – हजार दाना
  • संस्कृत – दुग्धिका
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दूध मोंगरा के गुण

यह वनस्पति ग्राही , मादक , पौष्टिक और सूजन को नष्ट करने वाली मानी जाती है। अधीक मात्रा में लेने से शरीर में यह जहरीला असर पैदा कर देती है। बच्चों के उदरशूल में इसके पत्तों का रस दूध में मिलाकर दिया जाता है। इसके सूखे पत्तों की फांट बनाकर अतिसार , दस्त , अत्यार्तव , श्वेतप्रदर और कफ के साथ खून आना इत्यादि रोगों को दूर करने के लिये दी जाती है।

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