हाथों-पैरों में है झुनझुनाहट, सुन्नपन या जलन ! तो हो सकता है…PARESTHESIA

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यदि आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि आपकी त्वचा या शरीर के किसी अंग में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना या रेंगने जैसी क्रिया का अनुभव किया हो तो “पैरेस्थीसिया PARESTHESIA” हो सकता है।

लगभग हर किसी ने पैरेस्थीसिया का अनुभव किया है। जब हम कभी भी हाथ या पैर को ज्यादा समय तक मोड़ कर रखते है तो इससे नसों के मुड़ जाने के कारण उस पर दबाव पड़ता है जिससे रक्त संचार में बाधा उत्पन्न हो जाती है। ब्लड सर्कुलेशन सही से न होने के कारण उस अंग में झुनझुनाहट, जलन या सुन्नपन उत्पन्न हो जाती है। इसे आम भाषा में “अंगो का सोना” कहते है। लेकिन जब हम अपने अंगो को हिलाते-डुलाते है तो चुनचुनाहट, झुनझुनाहट या जलन समाप्त हो जाता है। कई-कई बार ये स्थिति गंभीर हो जाती है और बढ़ती जाती है जिससे इसका इलाज करवाना पड़ता है।

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पैरेस्थीसिया PARESTHESIA होने के प्रमुख अंग

  • हाथ
  • हांथो के पंजो में
  • पैर
  • पैरों के पंजो में

ये अस्थायी पैरेस्थीसिया हो सकता है।

पैरेस्थीसिया PARESTHESIA के लक्षण

  • अंगो का सुन्न होना
  • अंगो में कमजोरी या दुर्बलता होना
  • हांथो या पैरो में झुनझुनाहट
  • जलन होना
  • अंगो का ठंडा होना।

पुराना पैरेस्थीसिया में इन सब लक्षणों के साथ पिन दर्द होता है मतलब जैसेकि सुई चुभोना। इससे चलने और काम करने में काफी मुश्किल होती है। इससे प्रभावित व्यक्ति के अंगो में अकड़न भी होती है जिसे आम भाषा में “टांस TANS” कहते है। अगर इस तरह की समस्या से कोई भी व्यक्ति पीड़ित है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करे।

पैरेस्थीसिया PARESTHESIA के कारण

  • नसों में सूजन
  • नसों में दबाव
  • डायबिटीज या मधुमेह
  • पुराना गर्दन का दर्द
  • हाथो की कमजोरी
  • पैरों के कमजोरी
  • आघात
  • मष्तिस्क में या नसों के पास ट्यूमर
  • अस्थि मज्जा या संयोजी ऊतक विकार
  • हाइपोथायरायडिज्म
  • विटामिन बी -1, बी -6, बी -12, ई या नियासिन की कमी
  • बहुत अधिक विटामिन डी प्राप्त करना
  • संक्रमण, जैसे कि लाइम रोग, दाद, या एचआईवी
  • कुछ दवाएं, जैसे कि कीमोथेरेपी दवाएं
  • विषाक्त पदार्थों, जैसे रसायनों या भारी धातुओं के संपर्क में रहना
  • ऑटोइम्यून रोग
  • न्यूरोलॉजिकल रोग
  • गुर्दे के रोग
  • यकृत रोग इत्यादि।

जाँच

ऐसी समस्या से ग्रसित लोग जिसे ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण है और आराम नहीं हो रहा है तो नीचे दिए आप अपने डॉक्टर के निर्देशानुसार जाँच करवा सकते है जैसेकि:-

  • EMG
  • MRI
  • ULTRASOUND
  • NERVE CONDUCTION STUDY

पैरेस्थीसिया PARESTHESIA का उपचार या इलाज

  • इसका इलाज या उपचार एक चिकित्सक द्वारा भलीभांति से जाँच पड़ताल द्वारा किया जाता है।
  • नसों में दबाव के कारण अगर पिन दर्द ज्यादा हो तो इसे दवाओं से नसों के दबाव को खोला जा सकता है और रक्त संचार सही किया जा सकता है।
  • अगर दवाओं से आराम नहीं मिलता है तो सर्जरी किया जा सकता है।
  • भौतिक चिकित्सा में अगर देखा जाये तो सिकाई करके नसों में सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है।

पैर के तलवों में जलन के घरेलु के उपचार

हल्दी

हल्दी हमारे शरीर में रक्त संचार और प्रवाह में सुधार करता है। इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है। हल्दी में एंटी इंफ्लामेटोरी गुण पाए जाते है जो दर्द, सूजन और जलन को दूर करता है।
एक गिलास पानी को उबालकर ठंडा कर ले। उसमे एक चम्मच हल्दी मिलाकर सुबह शाम पीने से फायदेमंद साबित होता है। इसका लेप बनाकर सूजन, दर्द और जलन वाली जगह पर भी लगा सकते है।

पानी और सरसो का तेल

सरसो का तेल काफी गुणकारी होता है। जलन और सूजन की जगह इसको लगाने से काफी आराम मिलता है। दो चम्मच सरसो का तेल और उसी बराबर मात्रा में पानी लेकर मिला ले। इसे हर तीसरे दिन लगाए इससे फायदा होगा।

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