कुछ छूने से कोरोना पॉजिटिव होने का चांस न के बराबर है

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COVID-19 from touching surfaces
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कुछ छूने से कोरोना पॉजिटिव होने का चांस न के बराबर है एक्सपर्ट्स बोले ,सतह से नहीं फैलता वायरस

पूरी दुनिया में इस समय कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ़्तार काफी तेज है। पिछले साल जब इस महामारी की शुरुआत हुई थी , तब अंदेशा जताया गया था की इसके वायरस सतह के जरिए फैलकर लोगो को संक्रमित कर सकते है। इसके बाद लोग अपने घरो और कार के दरवाजे के हैंडल तक छूने से बचने लगे थे। कई संस्थानों में तो ऑफिस टाइम में दरवाजो को खुला ही छोड़ दिया जाता था। अब अमेरिकी विशेषज्ञों ने दावा किया है की उन्हें अभी तक कोई भी ऐसा सबूत नहीं मिला है जिसमे सतह को छूने से कोई कोरोना संक्रमित हुआ हो।

  1. अमेरिकी स्वास्थ्य नियंत्रक संस्थान डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन ( सीडीसी ) ने बताया है की सतह से संक्रमित होने का खतरा 10,000 लोगो में से 1 के भी संक्रमित होने से कम है।
  2. सीडीसी के डायरेक्टर डॉ रोसेल वेलेस्की ने हाल में ही वाइट हाउस में ब्रीफिंग में बताया हैं की बताया है की सतह को छूने से कोरोना संकर्मित होने का खतरा वास्तव में बहुत ही कम है।
  3. वर्जींनिआ टेक में एयरबोर्न डिजीज के एक्सपर्ट लिनसे मार ने कहा की हम इसे बहुत पहले से ही जानते है , लेकिन अभी भी लोग सतह को साफ़ करने पर कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रहे है।
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कोवीड 19 छूने से नहीं फैलता

उन्होंने बताया की अभी तक कोई ऐसा साक्षय नहीं ,नहीं मिला है , जिससे पता चले की दूषित या संक्रमित सतह को छूने से किसी को कोरोना हुआ है। पिछले साल से अबतक यह और भी ज्यादा पुख्ता हुआ है की यह वायरस मुख्यत : हवा के जरिए फैलता है। कोरोना के ड्रॉप्लेट्स हवा में काफी देर तक रहते है। जब यह किसी इंसान के संपर्क में आता है तो उसके शरीर को अपना घर बना लेता।

  1. इस कारण ही आजकल कोविड संक्रमण की रफ़्तार काफी तेज हुई है।
  2. रूटगर्स यूनिवर्सिटी के मिक्रोबॉयलॉजिस्ट इमैनुएल गोल्डमैन ने बताया की सतह को छूने से संक्रमण होने का वैज्ञानिक आधार लगभग न के बराबर है।
  3. उन्होंने यह भी कहा की इस वायरस से आप सास के जरिए संक्रमित हो सकते है लेकिन किसी सतह को छूने से नहीं।
  4. एक और एक्सपर्ट्स जोसेफ एलन ने कहा की सीडीसी ने पब्लिक को साफ़ बताया है की सतह से कोरोना फैलने का खतरा बहुत ही कम है , जो की पिछले साल साफ़ नहीं था।

हवा में घूम रहा कोरोना वायरस कर रहा ज्यादा लोगों को बीमार

कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने के बीच नामी मेडिकल जर्नल लैंसेट की एक स्टडी सामने आई है। इसमें कहा गया है की इस बात के पक्के सबूत है की कोरोना वायरस हवा से ही ज्यादातर फ़ैल रहा है। यानि एक दूसरे की सास से निकली महीन बुँदे से ही वायरस फ़ैल रहा है , ऐसा नहीं है।

हवा से नहीं फैलता कोविड 19

  1. स्टडी में कोरोना वायरस के हवा से फैलने के पीछे दस तरह की दलीले दी गई है।
  2. इसमें पहला है : कोरोना के बेतहाशा बढ़ने के पीछे बड़े इवेंट देखे गए।
  3. दूसरा , क्वारंटीन वाले होटल में देखा गया की आसपास के कमरों में ठहरे लोगो से संक्रमण फैला।
  4. तीसरी दलील दी गई है की बिना लक्षण वाले संक्रमित लोग जो खास या छींक नहीं रहे ,
  5. उनसे भी 1/3 संक्रमण फैला या शायद इससे भी अधिक 59% संक्रमण फैला।
  6. चौथी बात की कोविड का संक्रमण चार दीवारी के भीतर ज्यादा देखा गया , बजाए खुली जगह के।
  7. चौथी बात की कोविड का संक्रमण चार दीवारी के भीतर ज्यादा देखा गया , बजाए खुली जगह के।
  8. छटवी बात की हवा में भी कोरोना खुद को जिन्दा रख सकता है।
  9. लैब में हुए प्रयोग बताते है की वायरस हवा में 3 घंटे तक एक्टिव रह सकता है।
  10. सातवीं दलील यह की कोवीड अस्पताल में एयर डक्स या एयर फिल्टरो में भी वायरस मिला।
  11. ऐसे जगहों पर वायरस तभी पहुंच सकता है जब यह हवा में घूम रहा हो।
  12. आठवीं बात की सामान एयर डक्स ( हवा का जरिया ) इस्तेमाल कर रहे जानवरो में भी एक से दूसरे में संक्रमण पैला।
  13. आखरी दो वजह यह की वायरस हवा से नहीं नहीं फैलता
  14. इसकी पुख्ता स्टडी नहीं।
  15. न ही सास से संक्रमण फैलने का ज्यादा सबूत है।

क्या अच्छी सेहत ही कोरोना से बचाव के लिए काफी नहीं

  1. आपके शरीर की फिटनेस चाहे कितनी भी बेहतर हो
  2. वह कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबाडीज या टी – सेल्स नहीं बनाती।
  3. हलाकि यह काम कोनसा से बचाव वाली वेक्सीन करती है।
  4. जब शरीर को किसी खास चीज से खतरा हो तो उससे सुरक्षा भी उतनी ही खास होनी चाहिए।
  5. यह ठीक उसी तरह है जैसे की बारिस से बचने के लिए हमे छाते की जरूरत होती है।
  6. हमारी अच्छी फिटनेस हमे बारिस में गिला होने से तो नहीं बचा सकती।
  7. ऐसे में कोरोना से बचाव का टिका जरूर लगवाए।

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