मेथी के फायदे और नुकसान

1
109
maithi
image source google

मेथी दाना सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए मसाले के काम लिया जाता है।
दाना मेथी पानी में उबालकर उसका पानी हल्का गर्म रहने पर पीना लाभकारी है।
भीगे , उबले मेथी दानो को भी खा जाये।
मेथी में ‘ टसमैथालिमिन ‘ तत्व होता है जो गुणों में मछली के तेल ( कोड लिवर आयल ) के समान है।
यह मेथी मछली के तेल का विकल्प है।
मेथी में ‘ लैसीथिन ‘ तत्व होता है जो मस्तिष्क की कमजोरी दूर करता है।

कमर दर्द

  1. हरे पत्ते वाली मेथी और उड़द की दाल की सब्जी बनाकर नित्य खाये।

विधि 

  1. दो चम्मच दाना मेथी रात को एक गिलास पानी में भिगोकर प्रातः इन दोनों को इसी पानी में मले , मथे।
  2. फिर इस पानी को मंद आँच पर इतना उबले की आधा पानी रह जाये। इसे छानकर पिये।
  3. यह पानी कड़वा होगा। यदि कड़वा पानी नहीं पिया जाये तो इसमें स्वादनुसार दूध और गुण मिलाले।

स्तन कैंसर

  1. शोध के अनुसार मेथी दाना स्तन कैंसर के लिए बहुत लाभकारी है।
  2. पत्ती वाली मेथी की सब्जी ज्वर, त्वचा रोग , मधुमेह और अल्सर में आश्चर्येजनक काम करती है।
  3. मासिक धर्म में दर्द , अधिक रक्तस्राव , कमजोरी , थकान , शरीर में दर्द होने पर मेथी उबालकर पानी का एक-एक कप दो बार कुछ दिन पिए।
  4. सर्दी के मौसम के प्रभाव , जुखाम से पीडित होने पर नित्य मेथी की सब्जी खाये। इससे सर्दी-जुखाम से बचाव भी होता है।
  5. वात , गठिया में आधा चम्मच कुटी हुई मेथी की फंकी गर्म पानी से सुबह – शाम ले।
  6. गैस , अपच , पेटदर्द , दस्त , भूख नहीं लगना आदि रोगो में कुटी हुई मेथी आधा चम्मच नित्य तीन बार पानी से फंकी ले।
maithi
image source google

यकृत विकार

  1. नित्य एक चम्मच अंकुरित मेथी प्रातः नाश्ते में खाते रहने से यकृत ठीक हो जाते है।
  2. गर्भाशय का ढीलापन गर्भाशय शुद्धि व सामान्य अवस्था में लाने के लिए मेथी के लड्डू खाये। प्रसव के बाद मेथी के लड्डू खाने से कमजोरी व प्रसव के समय आया ढीलापन दूर होकर गर्भाशय सामान्य अवस्था में आ जाता है। प्रायः औरतो का गर्भाशय बाहर आने लगता है।

अनेक रोग

  1. पेशाब की रुकावट , जोड़ो में दर्द , गैस , पेटदर्द , भूक कम लगना , अरुचि , दस्त , सूजन आदि में मेथी के पत्तो की सब्जी खाने से लाभ होता है।
  2. मेथी उबालकर इसका पानी पीने से शरीर की गंध , श्वाश रोग , बुखार , पेट के रोगो में लाभ होता है।
  3. मेथी के उबले पानी से कुल्ले , गरारे करने से गले का दर्द , छालो में लाभ होता है।

सौन्दर्यवर्धक

  1. मेथी के पत्ते पीसकर बालो की जड़ो में लगाकर आधा घंटे बाद धोये।
  2. रात को चहरे पर लगाकर सोये।
  3. इससे बाल सुन्दर , मुलायम , काले रहेंगे। चेहरा सुन्दर रहेगा। दाग , धब्बे , मुँहासे दूर हो जायेगे।

सुगंध नस्ट

  1. कभी-कभी सूंघने की शक्ति नस्ट हो जाती है।
  2. सूँघने पर खुशबू , बदबू का पता नहीं नहीं लगता।
  3. इसे दूर करने के लिए दाना मेथी बार-बार सूँघे , सब्जी खाये।

कनफेड ( Mumps )

  1. पिसी हुई मेथी और जौ का आटा समान मात्रा मे मिलाकर नीबू के रस में गोदकर कनफेड से आई कान के पास की सूजन पर नित्य एक बार लेप करे।

चोट 

  1. चोट से आई सूजन पर गेंहू का आटा और पिसी मेथी की पुल्टिस बनाकर नित्य एक बार लेप करे।

मधुमेह 

  1. मेथी के बीज दाना मैथी से भिन्न बहुत छोटे होते है , जो बीजो की दुकान पर मिलते है।
  2. एक कप पानी में एक चम्मच मेथी के बीज भिगोकर प्रातः पानी छानकर बीज अलग निकलकर पीसकर उसी पानी में घोलकर नित्य एक बार पिलाये। लाभ होगा।

नोट – दाना मेथी भूनकर , पीसकर सुबह-शाम पानी से आधा चम्मच फंकी ले। इससे बुढ़ापे के कारण होने वाले दर्दो में लाभ होगा। 

और भी पढ़े…

कॉफ़ी पीने के फायदे और नुकसान

पानी के लाभ और हानि

नारियल पानी के लाभ

बाल झड़ने के उपाय

कब्ज कैसे दूर करे

Previous articleकॉफ़ी पीने के फायदे और नुकसान
Next articleयोग-साधना

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here