Nausea | जी मिचलाना | मतली | उबकाई

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Nausea | जी मिचलाना | मतली | उबकाई

जी मिचलाना या उबकाई आना ये उलटी होने का एहसास मात्र है। ये सामान्य तौर पर सबसे ज्यादा यात्रा के दौरान होता है जैसे बस, रेलगाड़ी, या नाव में। इस दूसरे शब्दों में मोशन सिकनेस (Motion Sickness) कहते है।

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Nausea या जी मिचलाने के लक्षण

  • दिल की धड़कन का बढ़ जाना
  • मन घबराना
  • पसीना आना
  • सिर चकराना

Nausea या जी मिचलाने के कारण

  • यात्रा के दौरान कुछ लोगो को मतली, Nausea या उल्टी की समस्या होने लगती है।
  • गर्भवस्था में पहले तिमाही के दौरान जी मिचलाना, उल्टी आना आदि शुरू हो जाता है लेकिन ये अपने आप रुक जाता है ये समस्या गर्भवस्था में हार्मोनल में बदलाव के कारण होता है।
  • पेट में पेप्टिक अल्सर या छोटी आंत के परत में घाव हो जाने के कारण भी जी मिचलाता है।
  • जब आप बैक्टीरिया, वायरस, या परजीवी के साथ दूषित खाद्य पदार्थों को ग्रहण करते हैं, तो खाद्य पदार्थो में जहर होता है। इससे पाचनतंत्र ख़राब होता है जिससे ऐसी समस्या आती है।
  • हेपेटाइटिस यकृत के सूजन की स्थिति को दर्शाता है। यह आमतौर पर वायरल संक्रमण के कारण होता है, लेकिन हेपेटाइटिस के अन्य संभावित कारण होते हैं जिससे उबकाई जैसी समस्या आती है।
  • आपके पेट के स्तर में कमजोरी पाचन के रस को नुकसान पहुंचाते हैं और इसे जला देते हैं, जिससे गैस्ट्रेटिस होते हैं। ये भी एक मतली के कारण है।
  • शराब के अधिक सेवन करने से यकृत ख़राब हो सकती है। शराब को लम्बे समय से पीने से यकृत में सूजन आ जाती है। जिससे यकृत सही ढंग से काम नहीं करता और उलटी का एहसास दिलाता है।

Nausea या जी मिचलाने के घरेलु इलाज

  • यात्रा करते समय अपने साथ एक निम्बू रखे जब आप को उबकाई आये या उल्टी होने का एहसास हो तो निम्बू के रस को मुंह में निचोड़ ले जिससे उबकाई नहीं आती है।
  • गर्भवती महिलाओ को जिस महक वाली चीज से उबकाई आती हो उसे खाने को न दे या फिर उससे दूर रखे।
  • उबकाई आने पर ताजी हवा में रहे और हो सके तो हल्के मात्रा में ठंडा पानी पिए।
  • बाहर की चीजे जो खुली हवा में रखी हो या ऐसे खाद्य पदार्थ जिसके आस-पास कूड़ा करकट जमा हो उसे नहीं खानी चाहिए।
  • मतली होने पर जिंजर को कूटकर उसके रस निकाल के एक चम्मच रस के सेवन से मतली आना बंद हो जाता है। इसमें आप जिंजर के चाय बनाकर भी पी सकते है।
  • पिपरमिंट का तेल Nausea में बहुत ही सेफ और प्रभावपूर्ण रहता है चाय में हल्का पिपरमिंट तेल डालकर पीने से इसकी शिकायत दूर होती है।
  • या एक गिलास पानी को गर्म करके उसमे एक चम्मच पिपरमिंट का तेल डालकर उसके भाप को पांच मिनट्स तक सांस द्वारा लेने से मतली आना बंद हो जाता है।
  • गर्भवस्था के समय उबकाई आने पर विटामिन-वी6(Pyridoxine) और एंटीहिस्टामिन दवा doxilamine लेने से उबकाई आना कम हो जाता है।

नोट:-अगर जी मिचलाने और साथ ये हो तो:-

  • गंभीर पेट दर्द या ऐंठन,
  • छाती में दर्द,
  • धुंधली दृष्टि,
  • तेज बुखार और कठोर गर्दन,
  • उलझन,
  • भयानक सरदर्द

तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से सम्पर्क करे।

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