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Safed Dhatura ke Ayurvedic Fayde

सफ़ेद धतूरा Safed Dhatura को अन्य भाषाओं में धतूरा, कनकोनमत्त, कनककौतुफ्ल, श्वेत धतूरा, पांडराधात्रा, जोजमसल अबियाज, दुतुरा, उजला धतूरा, तेलूमत्त आदि नामो से जाना जाता है। इसके वृक्ष पूरे भारतवर्ष और चीन में पैदा की जाती है। इसका पौधा काले धतूरे के समान ही होता है। सिर्फ इसके फूल सफ़ेद रंग के होते है।

सफ़ेद धतूरा के फायदे Safed Dhatura ke fayde

सूजन, फोड़े और फुंसी

Safed dhatura के पत्तो को पीसकर या इसके बीजो को पीसकर तेल के साथ मिलाकर आमवात, सूजन, फोड़े और फुंसी में लगाने से बहुत लाभ मिलता है।

आँखों की बीमारियां

इसके पत्तो को गर्म करके आँख पर बांधने से आँखों के बीमारियों में फायदा पहुँचता है।

पागलपन की बीमारी

सफ़ेद धतूरे को एक लीटर दूध में उबालकर सुबह शाम पीने से पागलपन की बीमारी दूर होती है।

पैर के दर्द

पैर के दर्द में चावल के दाने के बराबर सुबह इसके बीज को ठन्डे पानी के साथ देने फायदा मिलता है।

शरीर में सूजन

शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन हो तो बस धतूरे के पत्तों को हल्का गुनगुना कर गर्म कर सूजन वाले स्थान पर बाँधने से लाभ मिलता है।

उत्तेजक प्रभाव

Safed dhatura के बीजों के तेल की मालिश पैर के तलवों पर करने से यह उत्तेजक प्रभाव दर्शाता है।

घाव

धतूरे के पत्तों का लेप बनाकर संक्रमित घाव पर लगाने और इसकी पुल्टीश बांधने से घाव जल्द भर जाता है।

ज्वर

सफ़ेद धतूरे के बीजों की राख को 125 -250 मिलीग्राम की मात्रा में देने पर ज्वर में भी लाभ मिलता है।

दमा रोग

पत्तो के धुंए से दमा रोग या अस्थमा में बहुत आराम मिलता है।

जूएं मिटाने के लिए

आधा लीटर सरसों के तेल में 250 ग्राम धतूरे के पत्तों का रस निकालकर धीमी आंच पर पकाकर जब केवल तेल बच जाय तब बोतल में भरकर रख लें। यह जूएं मिटाने के लिए श्रेष्ठ औषधि है।

सेक्स पॉवर

धतूरा के बीज को अकरकरा और लौंग के साथ मिलाकर छोटी-छोटी गुटिका बना लें। यह सेक्स पॉवर को बढ़ाता है।

बवासीर और भगन्दर

बवासीर और भगन्दर पर धतूरे के पत्ते सेंक कर बाँधे स्त्री के प्रसूती रोग अथवा गठिया रोग होने से धतूरे के बीजों तेल मला जाता है।

मिर्गी रोग

धतूरे की जड सूंघे तो मिर्गी रोग शाँत हो जाता है।

चेतावनी:- धतूरा बहुत से बीमारियों में काम आता है लेकिन इसके अधिक सेवन से विष, शरीर में रूखापन, सिरदर्द, पागलपन, बेहोशी, शरीर का तापमान बढ़ जाना। इन सब बीमारियों के होने बाद व्यक्ति की समस्या बढ़ सकती है जिससे जान भी जा सकती है।

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