वैक्सीनेशन के बाद संक्रमण का होता है हल्का असर

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The hands in blue glove of the scientist hold the processor

गंगाराम अस्पताल के लेप्रोस्कोपिक एंड बेरिएट्रिक सर्जन डॉक्टर तरुण मित्तल ने कहा की हमारे यहा लगभग 40 डॉक्टर पॉजिटिव हुए जो वेक्सीन ले चुके थे। सभी में संक्रमण का असर माइल्ड रहा। उन्होंने कहा की संक्रमित होने और बीमारी होने दो अलग अलग बात है। वेक्सीन के बाद लोग संक्रमित तो हो रहे है , लेकिन बीमार नहीं पड़ रहे है। उन्हें संक्रमण की वजह से ज्यादा लक्षण नहीं आ रहे है। वेक्सीन का सबसे अच्छा फायदा यही है की वह बीमार नहीं होने देता है। उन्होंने कहा की हमारे पास ऐसे सीटी स्कैन की रिपोर्ट है , जिसमे यह देखा गया है की जिन लोगो में वेक्सीन के बाद संक्रमण हुआ , उनके लंग्स पर इसका असर नहीं हुआ।

लेकिन जिन्होंने वेक्सीन नहीं ली थी , उनका लंग्स पूरी तरह से प्रभावित हो गया। डॉक्टर ने कहा की वेक्सीन के बाद 100 में से कोई एक में ही संक्रमण माइल्ड से मॉडरेट तक ज्याता है। उन्होंने कहा की वेक्सीनेशन करने वाले में सिवियरिटी कम होती है , कोई अस्पताल में एडमिट होते है तो उन्हें जल्दी छुट्टी मिल जाती है यानि हॉस्पिटल स्टे कम होते है। कम्प्लीकेशन कम होते है और रेकवेरी तेज होती है।

डॉक्टर तरुण ने कहा की उनके यहा वैक्सीन के बाद संक्रमित अधिकतर लोग चौथे-पांचवे दिन हि ठीक होने लगे थे। कई को तो लक्षण भी नहीं आए थे। उन्होंने कहा की पूरी दुनिया में वैक्सीन का यह असर देखा जा रहा है।

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इन बातों का रखें ध्यान :

  1. मास्क लगाकर ही वैक्सीनेशन सेंटर पर जाय।
  2. पूरी कोवीड गाइडलाइन्स को फॉलो करे।
  3. कोशिश करे की मास्क के ऊपर फेसशील्ड लगा कर जाए ।
  4. वेक्सीनेशन सेंटर पर दुरी बना कर रखे।
  5. सुबह ज्यादा भीड़ हो सकती हैं , इसलिए शाम को जाय तो बेहतर है।
  6. फीवर है तो वेक्सीन अभी नहीं ले , एक दो दिन इंतजार करे , टेस्ट कराए , नेगेटिव आने पर ही वेक्सीन ले।
  7. सेंटर पर भूखे पेट न जाए।
  8. सेंटर पर इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए पानी घर से पीकर जाए , वहा जाकर पानी ढूंढ़ने इधर – उधर न जाए।
  9. डॉक्टर बोले – वेक्सीनेशन के बाद संक्रमित हुए लोगो के लंग्स पर असर नहीं हो रहा है

रेमडेसिविर इंजेक्शन क्या है और कब इसकी जरुरत कब पड़ती है

  1. रेमडेसिविर दवा का इस्तेमाल कोरोना के गंभीर मरीजो पर किया जाता है |
  2. 7 दिनों के भीतर ही इसका इस्तेमाल किया जाता है |
  3. हालाकि इस दवा को लेकर कई देशो में गंभीर मरीजो पर स्टडी की गई है लेकिन उनमे किसी भी मरीज में इसका फायदा नहीं देखा गया है |
  4. आजकल मार्किट में रेमडेसिविर आसानी से नहीं मिल रहा है |
  5. संक्रमण के माडरेट और गंभीर होने पर दी जा सकती है ( माइलड़ लक्षणों वाले मरीजो पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए ) |
  6. अगर किसी मरीज को किडनी और लीवर संबंधी रोग है , तो उस पर उपयोग नहीं किया जाना चाहिए |

महामारी के इस दौर में

  1. जब कोरोना की बीमारी अपने चरम पर है , लोगो के मन में तनाव काफी बढ़ गया है |
  2. मगर तनाव भरा जीवन न सिर्फ शरीर और मन को बीमार बनाता है बल्कि इम्युनिटी भी कमजोर करता है |
  3. इसलिय जरूरी है की हर रोज मुस्कुराया जाए , खुलकर हसा जाए ताकि बिमारिया रहे कोसो दूर |
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